साइबर क्राइम पुलिस ने फेक ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कैम का भंडाफोड़ कर दो शातिर आरोपियो को किया काबू

Cybercrime Police have busted a Fake Online

Cybercrime Police have busted a Fake Online

रंजीत शम्मी चंडीगढ़। Cybercrime Police have busted a Fake Online: यूटी साइबर क्राइम पुलिस का अहम थाना माने जाने वाली पुलिस को फिर उस वक्त एक बड़ी कामयाबी मिली।जब पुलिस ने फेक ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कैम का भंडाफोड़ कर दो शातिर आरोपियो को गिरफ्तार कर मामले को सुलझा लिया।पकड़े गए आरोपियो की पहचान पंजाब के विकास नगर मोहाली निवासी 32 वर्षीय विवेक और ढाकोली के रहने वाले 25 वर्षीय ऋषभ गांधी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार पता चला कि थाना साइबर क्राइम पुलिस ने यूटी पुलिस के आला अधिकारियों के दिशा निर्देशों के चलते उक्त स्कैम का भंडाफोड़ कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

क्या था मामला

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता मनी माजरा निवासी सनी कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्हें ऑनलाइन निवेश के बहाने अज्ञात साइबर धोखेबाजों ने धोखा दिया।शिकायतकर्ता को सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन दिखा।जिसमें ऊंचे रिटर्न का वादा किया गया था।लिंक पर क्लिक करने के बाद,उनसे संपर्क किया गया और उन्हें “एडीवीपीएमए ”नाम का एक फर्जी ट्रेडिंग एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया गया।एप्लिकेशन पर काल्पनिक मुनाफा दिखाकर,धोखेबाजों ने उन्हें पैसे ट्रांसफर करने के लिए राजी किया। 25 दिसबर 2025 और 05 जनवरी 2026 के बीच,शिकायतकर्ता ने अपने बैंक और बैंक खातों से एनईएफ्टी और आईएमपीएस ट्रांजैक्शन के ज़रिए कुल  14 लाख 40 हजार रुपए ट्रांसफर किए।जब ​​उसने पैसे निकालने की कोशिश की, तो धोखेबाजों ने जवाब देना बंद कर दिया। जिससे उसके साथ धोखा हुआ।

जांच-

पुलिस जांच के दौरान,लाभार्थी बैंक खातों के सीएएफ,सीडीआर  और केवाईसी डिटेल्स के एनालिसिस से पता चला कि 02 जनवरी 2026 को एक लाख 60 हजार रुपये की रकम बैंक अकाउंट नंबर XXXXXXX61 में ट्रांसफर की गई थी।जो प्राइम एंटरप्राइजेज,सेक्टर 38, चंडीगढ़ के नाम पर था।जिसके मालिक विवेक था।इसके बाद, सेक्टर 56, चंडीगढ़ और पीर मुछल्ला, ढाकोली (पंजाब) में छापे मारे गए। दोनो उक्त दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने कमीशन के बदले साइबर धोखाधड़ी की गतिविधियों,जिसमें इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और वर्क-फ्रॉम-होम स्कैम शामिल हैं के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने में अपनी संलिप्तता का खुलासा किया।आरोपी विवेक ने स्वीकार किया कि आर्थिक तंगी के कारण, उसने अपने बैंक अकाउंट किट सह-आरोपी और अन्य साथियों को सौंप दिया था।और बदले में पैसे लिए थे। आरोपी ऋषभ गांधी ने खुलासा किया कि उसने अपने साथी के बहकावे में आकर काम किया और दिल्ली और नोएडा से काम करने वाले अन्य धोखेबाजों के साथ बैंक खातों की व्यवस्था करने में मदद की।आगे की जांच जारी है।और और भी गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।